उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
जनपद में लगातार हो रही बारिश के बीच स्यानाचट्टी में भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र का शनिवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात शीघ्र बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने और सभी आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को राहत, बचाव और पुनर्बहाली कार्य पूरी संवेदनशीलता और तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। वैकल्पिक पैदल मार्ग पर संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में रस्सियां, सोलर लाइट तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

इस दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग द्वारा यमुना नदी पर चल रहे चैनलाइजेशन कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के प्रवाह को सुचारु बनाए रखने के लिए कार्यों में तेजी लाने, गढ़गाड़ क्षेत्र में मलबा तत्काल हटाने तथा मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि संभावित खतरे को कम किया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है और राहत, सुरक्षा एवं यातायात बहाली के सभी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरे किए जाएंगे।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक पैदल मार्ग पर लगाए गए सुरक्षा इंतजाम

स्यानाचट्टी में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त मार्ग की बहाली तक उपयोग में लाए जा रहे वैकल्पिक पैदल मार्ग पर जिलाधिकारी के निर्देश पर आपदा मोचन दल ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए रस्सियां लगा दी हैं। साथ ही अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी लगातार मजबूत की जा रही हैं, ताकि चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम बड़कोट बृजेश तिवारी, सीओ चंचल शर्मा, अधिशासी अभियंता सिंचाई पन्नी लाल, अधिशासी अभियंता एनएच मनोज रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुस्साईं, एसडीओ लोनिवि ध्वजवीर तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

