उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
हिमालय की दुर्गम चोटियों पर साहस और संकल्प की नई मिसाल कायम करते हुए हिमाचल प्रदेश की पर्वतारोही शालिनी शर्मा ने उत्तरकाशी के पर्वतारोहियों के साथ मिलकर 6001 मीटर ऊंचे दिगंतल शिखर पर सफल आरोहण कर उपलब्धि हासिल की है।
27 मई 2026 को सम्पन्न हुए इस अभियान में शालिनी शर्मा (हिमाचल प्रदेश), राजेश ठकुर लीडर (ग्राम बायणा , उत्तरकाशी) तथा हेप उत्तम सिंह (ग्राम डिडसारी, मनेरी, उत्तरकाशी) शामिल रहे। टीम ने कठिन बर्फीले मार्ग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को पार करते हुए सुबह लगभग 10:40 बजे शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया।
इस अवसर पर पर्वतारोहियों ने हिमालय संरक्षण, स्वच्छ पर्वतारोहण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश भी दिया। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने ग्लेशियरों और हिम क्षेत्रों में हो रहे बदलावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर अब हिमालय की ऊंची चोटियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है।

पर्वतारोही राजेश ठाकुर ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ग्लेशियर तेजी से पिघले हैं और कई क्षेत्रों में बर्फ का दायरा कम हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमालय केवल पर्वतारोहण का केंद्र नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के जीवनदायी जल स्रोतों का आधार है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए सभी को आगे आना होगा।
यह अभियान उत्तरकाशी और हिमाचल प्रदेश के पर्वतारोहियों के बीच समन्वय और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने टीम की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।
फोटो कैप्शन:
6001 मीटर ऊंचे दिगंतल शिखर पर सफल आरोहण के बाद हिमाचल प्रदेश की पर्वतारोही शालिनी शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा हिमालय संरक्षण का संदेश देते हुए।
नोट: यदि पर्वतारोही महिला का नाम शालिनी शर्मा नहीं है, तो सही नाम बता दीजिए, मैं खबर को पूरी तरह सही करके तैयार कर दूंगा।

