उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
चारधाम यात्रा के बीच गंगोत्री हाईवे से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने मानवता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कायम कर दी। गंगोरी–गरमपानी के पास, भागीरथी नदी के खतरनाक किनारे पर गिरे एक बुजुर्ग श्रद्धालु के लिए मनेरी पुलिस और SDRF टीम सचमुच देवदूत बनकर उतरी।
🌙 अंधेरी रात, गहरी खाई और जिंदगी की जंग
5 मई की देर रात, कोतवाली मनेरी क्षेत्र में सूचना मिली कि एक श्रद्धालु अचानक हाईवे से फिसलकर भागीरथी नदी के किनारे जा गिरा है। आसपास अंधेरा, नीचे गहरी खाई और तेज बहाव—हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे।
लेकिन जैसे ही सूचना मिली, प्रभारी निरीक्षक दीपक नौटियाल के नेतृत्व में मनेरी पुलिस और SDRF टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची।
🪢 मौत के मुहाने से खींच लाई जिंदगी
रेस्क्यू टीम ने रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से खतरनाक ढलान पार की और नीचे नदी किनारे तक पहुंच बनाई। घने अंधेरे और जोखिम भरे हालात के बावजूद टीम ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए घायल श्रद्धालु तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
घायल को तुरंत 108 एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
👴 “एक कदम की चूक, मौत से सामना”
मध्य प्रदेश के हरदा निवासी 65 वर्षीय तुलसीराम गहलोत ने बताया कि वह गाड़ी से उतरकर शौच के लिए गए थे, तभी अचानक पैर फिसल गया और वह नीचे गिर पड़े।
उनके परिजनों ने पुलिस और SDRF की त्वरित कार्रवाई को “ईश्वर का रूप” बताते हुए आभार व्यक्त किया।

👮♀️ सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता का संकल्प
इस पूरे ऑपरेशन का संचालन पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में हुआ। उत्तरकाशी पुलिस चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर पल सतर्क और प्रतिबद्ध है।
यह सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं, बल्कि भरोसे की कहानी है—जहां मुश्किल वक्त में वर्दीधारी जवान उम्मीद बनकर सामने आते हैं।
ऐसी घटनाएं न सिर्फ जवानों का हौसला बढ़ाती हैं, बल्कि आम लोगों के दिल में सुरक्षा एजेंसियों के प्रति विश्वास को और मजबूत करती हैं।


