उत्तरकाशी
संवाददाता महावीर सिंह राणा
देवभूमि उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ उत्तरकाशी पुलिस का अभियान अब और तेज़ हो गया है। एक ओर जहां नशे के सौदागरों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को नई जिंदगी देने के लिए मानवीय पहल भी की जा रही है।
👮♀️ सख्त एक्शन + संवेदनशील पहल = असरदार अभियान
पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत पुलिस ने न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसा है, बल्कि समाज को बचाने के लिए एक सकारात्मक कदम भी उठाया है।
पुलिस उपाधीक्षक श्री जनक सिंह पंवार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक श्री दिनेश कुमार के नेतृत्व में 13 अप्रैल को कोतवाली उत्तरकाशी में नशे के आदी युवकों की विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया।
🧠 “नशा नहीं, नई दिशा” — युवाओं को समझाया गया जीवन का महत्व
इस काउंसलिंग के दौरान युवाओं को नशे के खतरनाक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि इंसान के मानसिक संतुलन, पारिवारिक रिश्तों और आर्थिक स्थिति को भी पूरी तरह तबाह कर देता है।
युवाओं से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहकर अपने जीवन को सही दिशा दें और समाज के जिम्मेदार नागरिक बनें।
📞 1933 हेल्पलाइन: आपकी एक कॉल, समाज को बचा सकती है
कार्यक्रम में नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 की भी जानकारी दी गई। इस हेल्पलाइन के माध्यम से कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री या नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना गोपनीय रूप से दे सकता है। साथ ही, नशा मुक्ति केंद्रों और उपचार सेवाओं की जानकारी भी इस नंबर से प्राप्त की जा सकती है।
🌱 एक स्वस्थ समाज की ओर बढ़ते कदम
उत्तरकाशी पुलिस का यह प्रयास केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की एक सशक्त पहल है। नशे के खिलाफ यह जंग तभी जीती जा सकती है, जब हर नागरिक इसमें अपनी भागीदारी निभाए।
👉 अपील:
अगर आपके आसपास कोई नशे की चपेट में है, तो उसे ठुकराएं नहीं, संभालें… क्योंकि सही मार्गदर्शन और सहयोग से ही एक नई शुरुआत संभव है।
“नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो” — यही संदेश, यही संकल्प।
उत्तरकाशी पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा अभियान: ड्रग्स फ्री देवभूमि की ओर मजबूत कदम

