उत्तरकाशी जनपद में साहसिक पर्यटन की नई संभावनाओं को पंख लगने जा रहे हैं। जिले के बारसू–स्यारी–सूर्यटोप–गिडारा–भंगेली–गंगनानी–गरमकुंड ट्रेक को ‘ट्रेक ऑफ द ईयर’ के रूप में चयनित किए जाने के बाद इसके विकास और भव्य शुभारंभ की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं।

इसी क्रम में आज उत्तराखंड सरकार में पर्यटन, सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतपाल महाराज से शिष्टाचार भेंट की गई। इस दौरान उत्तरकाशी के लिए ‘ट्रेक ऑफ द ईयर’ के रूप में चयनित इस महत्वपूर्ण ट्रेक के लिए मंत्री को बधाई एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही ट्रेक के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का सादर निमंत्रण भी दिया गया।
भेंट के दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ट्रेक को महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वस्त किया कि वे अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच शासन एवं प्रशासन के साथ समन्वय कर शुभारंभ की तिथि एवं कार्यक्रम को लेकर आवश्यक चर्चा करेंगे, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को पर्याप्त समय के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
लंबे प्रयासों को मिली बड़ी सफलता
उत्तरकाशी में ‘ट्रेक ऑफ द ईयर’ का चयन जिले के पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस दिशा में लंबे समय से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इस महत्वपूर्ण पहल को सकारात्मक दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पर्यटन विभाग के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
बारसू से शुरू होकर स्यारी, सूर्यटोप, गिडारा, भंगेली, गंगनानी और गरमकुंड तक जाने वाला यह ट्रेक प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालयी भू-दृश्यों और स्थानीय संस्कृति के लिहाज से पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन सकता है।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
ट्रेक के विकसित होने से उत्तरकाशी में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। होमस्टे, स्थानीय उत्पादों की बिक्री, ट्रेकिंग गाइड, पोर्टर, परिवहन, खान-पान और अन्य पर्यटन गतिविधियों को इससे सीधा लाभ मिल सकता है।

स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ पलायन रोकने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मिलेगी नई पहचान
उत्तराखंड में घोषित दो ‘ट्रेक ऑफ द ईयर’ प्रदेश के साहसिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। उत्तरकाशी का यह ट्रेक देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का नया केंद्र बनाने की क्षमता रखता है।
लक्ष्य है कि उत्तरकाशी की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी संस्कृति और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिले और जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

