वाईब्रेंट विलेज चयनित सीमांत क्षेत्र के गांवों की बदलेंगी तस्वीर आजीविका संवर्द्धन और बुनियादी ढांचे के विकास से रुकेगा पलायन

उत्तरकाशी
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित सीमांत क्षेत्र के गांवों में आजीविका संवर्द्धन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दीर्घकालीन महत्व की परियोजनाओं के क्रियान्वय को लेकर समीक्षा बैठक की।


उन्होने निर्देश दिए कि सीमांत गांवों के समग्र विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बिजली, पानी, स्वास्थ्य तथा शिक्षा संबंधित मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए ताकि पलायन को रोक जा सके और स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा मिले।


बैठक में वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन विकास से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजनाएं क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए क्षेत्र में ट्रैक रूट्स का विकास करने और अन्य जरूरी सुविधाओं व बुनियादी अवस्थापनाओं की व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिये।

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वही उन्होंने वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जारी बजट की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि चल रहे कार्यों को समय से पूर्ण करने हेतु अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करें तथा उक्त संबंधित रिपोर्ट तय समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।


बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए अजय सिंह , जिला पर्यटन विकास अधिकारी के.के जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा अनेक अधिकारीगण वीसी के माध्यम से जुड़े।

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