उत्तरकाशी। जनपद में राष्ट्रीय महत्व की सड़क परियोजनाओं और अन्य जनहित से जुड़े विकास कार्यों के लिए लंबित भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा प्रकरणों को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में बीआरओ और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास परियोजनाओं की प्रगति में भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरण किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ भूमि सीमांकन, परिसंपत्तियों के मूल्यांकन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान भू-स्वामियों के अधिकारों और हितों का पूरा ध्यान रखा जाए। मुआवजा भुगतान से संबंधित पत्रावलियों का निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को बीआरओ की ओर से प्रस्तुत प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए भूमि हस्तांतरण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय निवासियों को होने वाली व्यावहारिक समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि जनपद में पर्यावरण अनुकूल और मजबूत आधारभूत ढांचे का विकास क्षेत्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में विकास परियोजनाओं से जुड़े सभी विभाग निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी औपचारिकताएं तय समयसीमा के भीतर पूरी करें, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम शालिनी नेगी, बीआरओ कमांडर राजकिशोर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

