भटवाड़ी ब्लॉक में ग्राम प्रधान संगठन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज बुलंद की है। प्रधान संगठन के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान कुटेटी अजीतपाल सिंह पंवार की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र खंड विकास अधिकारी भटवाड़ी के माध्यम से भेजा गया है। पत्र में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई है।
प्रधान संगठन ने पत्र में कहा है कि संगठन पिछले चार माह से अपनी मांगों को लेकर सरकार से वार्ता करता आ रहा है, लेकिन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से प्रधानों में नाराजगी है। संगठन ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
ये हैं प्रधान संगठन की प्रमुख मांगें—
1. ग्राम प्रधानों को न्यूनतम 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। साथ ही ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को भी खुली बैठकों में प्रतिभाग करने पर मानदेय का प्रावधान किया जाए।
2. मनरेगा एवं वीबीजी-राम जी योजना में श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन दर्ज करने की व्यवस्था की जाए। प्रधान संगठन का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के कारण ऑनलाइन हाजिरी लगाने में परेशानी होती है। साथ ही अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 600 रुपये प्रतिदिन और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई है।
3. ग्राम पंचायतों को राज्य एवं केंद्रीय वित्त की धनराशि जनसंख्या एवं भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाई जाए, ताकि पंचायतों में विकास कार्य तेजी से हो सकें।
4. जिला योजना मद में स्वीकृत होने वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से पारित करवाए जाएं तथा जिला योजना की बैठक में प्रधान संगठन को नामित सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जाए।
5. पंचायतीराज एक्ट में पारित सभी 29 विभागों को अतिशीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए।
6. विधायक/सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि के बजट में भी आकस्मिक आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत कार्य करने की व्यवस्था की जाए।
7. ग्राम पंचायतों में किसी भी विभाग द्वारा स्वीकृत 10 लाख रुपये तक के कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाया जाए, जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिल सके और पलायन रोकने में मदद मिले।
8. ग्राम प्रधानों और उनके परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा/जीवन बीमा करवाया जाए।
9. प्रधानमंत्री आवास प्लस सर्वे-2024 में नाम होने के बावजूद आवास सॉफ्टवेयर द्वारा तैयार प्राथमिकता सूची में नाम नहीं आने वाले जरूरतमंद ग्रामीण लाभार्थियों के नाम प्राथमिकता सूची में शामिल किए जाएं।
10. 16वें वित्त की नई गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों में परिवारों से टैक्स संबंधी व्यवस्था लागू किए जाने के मुद्दे पर भी संगठन ने अपनी मांग रखी है।
प्रधान संगठन की ओर से सरकार को भेजे गए इस पत्र के बाद अब निगाहें शासन स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधान संगठन की एकजुटता ने साफ कर दिया है कि पंचायत स्तर के मुद्दों को लेकर संगठन आगे भी अपनी आवाज मजबूती से उठाने की तैयारी में है। मांगों पर सरकार क्या निर्णय लेती है, यह आने वाला समय बताएगा।

