उत्तरकाशी,
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
पृथ्वी दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में आज एक प्रेरणादायक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय परिसर पूरी खेत कैंपस में यह कार्यक्रम आपदा जोखिम न्यूनीकरण क्लब और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को कम करने के लिए पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया और परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पंकज ने इस अवसर पर कहा कि
“सिर्फ ज्ञान देने से ज्यादा जरूरी है कि हम प्रकृति को संवारें। पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें बचाना और बड़ा करना हमारी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कई छात्र-छात्राओं को पौधे गोद दिलवाकर उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी सौंपी।
वहीं, वनस्पति विज्ञान के प्रभारी डॉ. महेंद्र पाल सिंह परमार ने विश्व पृथ्वी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस हर वर्ष 22 अप्रैल को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने 2026 की थीम “Our Power, Our Planet” (हमारी शक्ति, हमारा ग्रह) को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आपदा जोखिम न्यूनीकरण क्लब की नोडल डॉ. सुनीता रावत भंडारी, साथ ही एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स के छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी और प्राध्यापक—डॉ. रमेश, डॉ. कैलाश रांगड़, डॉ. सुमिता पंवार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
संदेश साफ है:
अगर धरती को बचाना है, तो हर व्यक्ति को आगे आकर पेड़ लगाना और उन्हें संरक्षित करना होगा।
पृथ्वी दिवस पर हरियाली का संकल्प 🌱

