
उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक सभागार में 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिले के 35 से अधिक उत्कृष्ट बुनकरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हथकरघा कला के संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

जिला उद्योग केन्द्र उत्तरकाशी के तत्वावधान में आयोजित समारोह की मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने कहा कि हथकरघा उद्योग हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। उन्होंने बुनकरों से इस पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और आधुनिक बाजार से जोड़ने का आह्वान किया।
वहीं, ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार ने डुंडा क्षेत्र को भविष्य में ‘ऊन बाजार’ के रूप में विकसित करने की योजना साझा करते हुए कहा कि उद्योग विभाग के सहयोग से स्थानीय बुनकरों को बेहतर बाजार और नई पहचान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केन्द्र के प्रभारी महाप्रबंधक वैभव कुमार ने विभाग की स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बुनकरों की उपलब्धियों की भी सराहना की।

समारोह में कैर सिंह, बिजेन्द्री देवी, लक्ष्मी चन्द, धर्म सिंह, सौम्पा देवी सहित
35 से अधिक बुनकरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पारंपरिक हथकरघा कला को नई पहचान देने और स्थानीय बुनकरों का उत्साह बढ़ाने वाला यह आयोजन उत्तरकाशी में हस्तशिल्प एवं स्वरोजगार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

