उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जनपद उत्तरकाशी में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और समय पर जांच कराने का संदेश दिया। जिले की सभी चिकित्सा स्वास्थ्य इकाइयों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को बीमारी के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में प्रमुख अधीक्षक डॉ. बी.एस. रावत की अध्यक्षता में विशेष जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रावत ने कहा कि हेपेटाइटिस एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन समय पर जांच, उपचार और जागरूकता के जरिए इस पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस की थीम “Hepatitis: Let’s Break It Down” लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर कर प्रत्येक व्यक्ति तक सही जानकारी और उपचार की पहुंच सुनिश्चित करने का संदेश देती है।
कार्यक्रम में चिकित्सकों ने हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई के संक्रमण, इनके फैलने के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि स्वच्छता का पालन, सुरक्षित पेयजल का उपयोग, जांचा-परखा रक्त चढ़ाना, संक्रमण रहित सुई का प्रयोग, सुरक्षित जीवनशैली अपनाना तथा टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई कि किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय पर स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं।

स्वास्थ्य विभाग ने कार्यक्रम के माध्यम से आमजन से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज को भी हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करें, ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कुलवीर राणा, डॉ. हिमाद्रि रौंकली, जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी) अजय बिष्ट, क्वालिटी कंसल्टेंट हरि शंकर नौटियाल, जिला आईईसी/बीसीसी समन्वयक अनिल बिष्ट सहित चिकित्सक, स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

