मानसून से पहले अलर्ट मोड पर उत्तरकाशी प्रशासन, पुलिस-फायर और तहसीलों को दिया जा रहा प्रोफेशनल आपदा प्रशिक्षण

उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महाबीर सिंह राणा
आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जनपद उत्तरकाशी में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य के निर्देशों के अनुपालन में तथा अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जिलेभर में व्यापक प्रशिक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है।


आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुंसाई द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण रूपरेखा के तहत मई 2026 के दौरान जनपद की सभी तहसीलों, उपतहसीलों, पुलिस थानों, पुलिस लाइन एवं अग्निशमन इकाइयों में चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आपदा संबंधी खोज एवं बचाव उपकरणों की जानकारी, उपकरणों के रख-रखाव एवं कार्यशीलता, प्राथमिक उपचार, सेटेलाइट फोन संचालन, इंप्रोवाइज्ड स्टेचर मेकिंग, मैन्युअल स्टेचर तथा रोप नॉट्स (गांठों) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सैद्धांतिक एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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मंगलवार को मास्टर ट्रेनर मस्तान भण्डारी एवं क्यूआरटी टीम द्वारा टीम-01 और टीम-02 के माध्यम से थाना कोतवाली उत्तरकाशी, अग्निशमन केंद्र उत्तरकाशी, तहसील मोरी एवं थाना मोरी में कुल 57 कार्मिकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान थाना कोतवाली उत्तरकाशी के निरीक्षक दिनेश कुमार, अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र सिंह रावत, तहसीलदार मोरी सरदार सिंह चौहान तथा सब इंस्पेक्टर दीपक रावत सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन का यह प्रयास मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए फील्ड स्तर पर तैनात कार्मिकों को तकनीकी रूप से दक्ष और त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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