उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने जा रहे हैं, और उससे पहले ही प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर यमुनोत्री धाम के 6 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का निरीक्षण कर चुके हैं।
जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक पूरे ट्रैक पर सुविधाओं की रियलिटी चेक की गई — पेयजल, शौचालय, बिजली, रेन शेल्टर और रेलिंग… हर एक व्यवस्था को बारीकी से परखा गया। साफ शब्दों में संदेश दिया गया है कि इस बार यात्रा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
स्वच्छता को लेकर सख्त निर्देश जारी हुए हैं — सुलभ इंटरनेशनल और जिला पंचायत को साफ-सफाई चाक-चौबंद रखने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र, SDRF टीम, और घोड़ा-खच्चरों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था भी पूरी तरह एक्टिव मोड में रखने को कहा गया है।

यात्रियों की सुविधा के लिए अब बड़े और आकर्षक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि कोई भी श्रद्धालु रास्ता भटके नहीं। पंजीकरण केंद्रों और संपर्क मार्गों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सीडीओ ने साफ कहा — “देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है… और कपाट खुलने से पहले हर काम हर हाल में पूरा होगा।”
निरीक्षण से पहले बड़कोट, दोबाटा और खरादी में स्वयं सहायता समूहों के आउटलेट भी देखे गए, जहां स्थानीय उत्पादों को प्रमोट करने पर जोर दिया गया। इससे साफ है कि इस बार चारधाम यात्रा सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देने वाली है।

👉 कुल मिलाकर, इस बार की चारधाम यात्रा होगी ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा सुव्यवस्थित और पहले से कहीं ज्यादा भव्य।
अब बस इंतजार है 19 अप्रैल का… जब आस्था का महासैलाब उत्तराखंड की वादियों में उमड़ेगा।

