उत्तरकाशी,
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
जनपद उत्तरकाशी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही केंद्रों में लगाए जा रहे बायोमेट्रिक मशीनों का भी विरोध किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें विभिन्न प्रकार के फील्ड कार्यों के चलते केंद्र से बाहर जाना पड़ता है, ऐसे में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था उनके लिए व्यावहारिक नहीं है और इससे उनकी उपस्थिति प्रभावित हो सकती है।
कार्यकर्ताओं ने देहरादून में हुए आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके विरोध में अब आंदोलन और अधिक उग्र होने की चेतावनी दी गई है।
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे 1 तारीख से लगातार आंदोलनरत हैं और कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों को शीघ्र नहीं मानती है तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
इस आंदोलन का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है, जहां आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद रहने से बच्चों को मिलने वाली पोषण और देखभाल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाती है और कब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों पर निर्णय लिया जाता है।

