महाशिवरात्रि पर्व पर विश्वनाथ मन्दिर सहित शिवालयों में भक्तों की उमड़ी भीड़

उत्तरकाशी
रिपोर्टर महावीर सिंह राणा
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद उत्तरकाशी स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा, जहां तड़के लगभग 2 बजे रात्रि से ही श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतार लग गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और श्रद्धा की गर्माहट ने मौसम की ठिठुरन को भी पीछे छोड़ दिया।


महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, भव्य पुष्प सज्जा और विशेष अलंकरण से दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा है।

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भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की कामना के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भारत के प्रमुख शिवधामों में काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी के बाद उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर विशेष महत्व रखता है और यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन तथा सुगम दर्शन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर सहित जनपद के समस्त शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ हैं। प्रातः से ही भागीरथी नदी घाटों आस्था की डुबकी लगाकर बाबा विश्वनाथ मन्दिर तथा शिवालयों में लबी लंबी लाइन मे लग कर जलाभिषेक के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है।

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महाशिवरात्रि के पावन पर्व को सकुशल एवं सुरक्षित तरीके से सम्पन्न करवाने को लेकर उत्तरकाशी पुलिस मुस्तैद रही जनपद के प्रमुख मंदिरों, शिवालयों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनात की गई थी मंदिर परिसरों, प्रवेश एवं निकास द्वारों, पार्किंग स्थलों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं सतर्कता बरती जा रही थी सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के साथ नदी घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ SDRF, फायर एवं अन्य आपदा दल तैनात हैं।

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