उत्तरकाशी में मातृ स्वास्थ्य पर बड़ा फोकस, संस्थागत प्रसव बढ़ाने के डीएम के सख्त निर्देश

उत्तरकाशी 

संवाददाता महावीर सह राणा

जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से मातृत्व स्वास्थ्य और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनपद में गृह प्रसव की घटनाओं को कम किया जाए। इसके लिए उन्होंने जनसंपर्क अभियान को तेज करने और अधिक प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही ब्लॉक स्तर पर टीमों का गठन कर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।

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बैठक के दौरान पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत लिंगानुपात की समीक्षा भी की गई। जनपद में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नियमित निरीक्षण और उनके प्रतीक्षालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 7 मई 2026 को जनपद के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे उस दिन दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 14 मई को मॉप-अप डे के तहत कवर किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्थानों पर समय से दवा उपलब्ध कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। साथ ही कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएस रावत सहित स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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