सरास गांव में बारिश का कहर पहाड़ी दरकी तो गांव में मची अफरा-तफरी, सेब के बगीचे मलबे में दफन

मोरी। मोरी विकासखंड की बंगाण मासमोर पट्टी के सरास गांव में देर रात हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी। तेज बारिश के बीच पहाड़ी से अचानक मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर खिसककर गांव की ओर आ गए। भूस्खलन की चपेट में आने से कई सेब के बगीचे बुरी तरह तबाह हो गए, जबकि कई मकानों में भी मलबा घुसने की सूचना है।
रात के अंधेरे में अचानक मलबा आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के तेज बहाव ने खेतों और सेब के बगीचों को अपनी चपेट में ले लिया। कई स्थानों पर सेब के पेड़ मलबे में दब गए हैं। वहीं मकानों के आसपास बड़ी मात्रा में मलबा जमा होने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

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प्रशासन अलर्ट, मौके के लिए रवाना हुई टीम
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल मौके की ओर टीम रवाना कर दी। तहसीलदार मोरी सुंदर सिंह चौहान ने बताया कि प्रशासन की टीम सरास गांव के लिए रवाना हो चुकी है। फिलहाल जनहानि अथवा पशुहानि की सूचना नहीं है।


टीम के मौके पर पहुंचने के बाद भूस्खलन से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। प्रभावित परिवारों, मकानों और सेब के बगीचों की स्थिति का जायजा लेने के साथ जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य भी किया जाएगा।


लगातार बारिश से बढ़ा खतरा
सरास गांव में भूस्खलन की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बढ़ते भूस्खलन के खतरे को सामने ला दिया है। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा और राहत व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
जनहानि नहीं, लेकिन बगीचों और मकानों को भारी नुकसान की आशंका — प्रशासनिक टीम की रिपोर्ट के बाद सामने आएगी तबाही की पूरी तस्वीर।

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