उत्तरकाशी
रिपोर्ट: महावीर सिंह राणा
चारधाम यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले उत्तरकाशी पुलिस के 20 पुलिसकर्मियों, महिला कर्मियों, होमगार्ड एवं पीआरडी जवानों को शुक्रवार को “मैन ऑफ द मंथ” सम्मान से नवाजा गया। पुलिस लाइन स्थित भागीरथी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन में पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने सम्मानित जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पुलिस की असली पहचान जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार, ईमानदार कार्यशैली और सेवा भावना से होती है।

सम्मेलन में चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध और नशा उन्मूलन अभियान की व्यापक समीक्षा की गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कांवड़ यात्रा में सुरक्षा और सेवा दोनों पर जोर
एसपी कमलेश उपाध्याय ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि भूस्खलन और आपदा संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता रखी जाए। आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों और कांवड़ियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

उन्होंने मॉडिफाइड वाहनों, अवैध साइलेंसरों और तेज ध्वनि फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा गया।
चारधाम यात्रा के ‘अनसुने नायकों’ का हुआ सम्मान
चारधाम यात्रा के दौरान कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने वाले 20 पुलिसकर्मियों को “मैन ऑफ द मंथ” सम्मान देकर पुलिस विभाग ने उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं को सार्वजनिक रूप से सराहा। यह सम्मान उन जवानों के मनोबल को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ, जिन्होंने यात्रियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आपदा के बीच भी अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया।
जनहित, स्वास्थ्य और अनुशासन पर विशेष फोकस
सम्मेलन में पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और वेलफेयर पर भी विशेष चर्चा हुई। एसपी ने नियमित स्वास्थ्य शिविर, योग-व्यायाम, साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के निर्देश दिए। साथ ही वाहन चलाते समय यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने और आमजन के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की बात कही।
अपराध नियंत्रण और साइबर सुरक्षा पर सख्त संदेश
मासिक अपराध समीक्षा के दौरान लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, महिलाओं से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, लंबित वारंटों की तामील और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। पुलिस एवं अभियोजन के बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया ताकि अपराधियों को शीघ्र और प्रभावी दंड दिलाया जा सके।
जनसेवा ही पुलिस की सबसे बड़ी पहचान
सम्मेलन का संदेश साफ था कि उत्तरकाशी पुलिस केवल कानून लागू करने वाली एजेंसी नहीं, बल्कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आम नागरिकों की सुरक्षा में दिन-रात समर्पित सेवा देने वाली एक संवेदनशील टीम है। “मैन ऑफ द मंथ” सम्मान पाने वाले जवानों का सम्मान न केवल उनकी मेहनत का पुरस्कार है, बल्कि पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

