उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
सावन माह का पहला सोमवार शुरुआत के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देशभर से पहुंचे शिवभक्त गौमुख से पवित्र गंगाजल भरकर अपने-अपने आराध्य भगवान शिव के मंदिरों की ओर रवाना हो रहे हैं। श्रद्धालु 11 अगस्त को शिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
सावन का महीना शुरू होते ही उत्तरकाशी स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम और गौमुख शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे कांवड़िए गौमुख से मां गंगा का पवित्र जल भरकर पैदल यात्रा पर निकल रहे हैं। श्रद्धालु कांवड़, कलश और अन्य पात्रों में गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों पूरी तरह भगवामय नजर आ रहा है। हर ओर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। कंधों पर कांवड़ उठाए शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी पूरे श्रद्धाभाव के साथ इस पावन यात्रा में शामिल हैं।

पहाड़ों में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग बनी हुई है। कठिन रास्तों और बदलते मौसम के बीच भी शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं।
धार्मिक मान्यता है कि गौमुख और गंगोत्री धाम से लाया गया पवित्र गंगाजल भगवान शिव को अर्पित करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालु 11 अगस्त को पड़ने वाली शिवरात्रि पर अपने-अपने शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लेकर रवाना हो रहे हैं।
सावन के पावन महीने में गंगोत्री धाम एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंग चुका है। दूर-दूर से पहुंचे कांवड़िए गौमुख से पवित्र गंगाजल लेकर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं। आस्था, विश्वास और भक्ति का यह अद्भुत संगम देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक परंपरा को और भी भव्य बना रहा है।

