उत्तरकाशी में आपदा से निपटने की तैयारी का बड़ा अभ्यास, पांच स्थानों पर राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल शुरू

उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गुरुवार को उत्तरकाशी जनपद में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास पूरे राज्य के सभी 13 जनपदों में एक साथ किया जा रहा है। उत्तरकाशी में दो विकासखंडों के पांच अलग-अलग स्थानों पर आपदा प्रबंधन तंत्र, विभिन्न विभागों के समन्वय और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया जा रहा है।


सुबह 9:30 बजे जिला आपदा परिचालन केंद्र में विभिन्न स्थानों से काल्पनिक आपदा की सूचनाएं प्राप्त होते ही आपदा सायरन बजाया गया।

जिलाधिकारी एवं रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर प्रशांत आर्य ने तत्काल आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) को सक्रिय करने के निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ घटनास्थलों के लिए रवाना करने के आदेश दिए।

ये भी पढ़ें:  मोरी तहसील के अंतर्गत ग्राम फिताडी में आग का तांडव 5,6 घरों दर्जनों गाय जल कर खाक


मॉक ड्रिल के तहत नेताला में नदी का जलस्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने, बगासू में बादल फटने, कुथनौर विद्यालय पर पेड़ गिरने, डबरानी में भूस्खलन से वाहनों के दबने तथा नालूपानी में सड़क अवरुद्ध होने जैसे पांच अलग-अलग आपदा परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।


जिला आपदा परिचालन केंद्र से सभी घटनास्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जा रहा है।
प्रशासन की अपील:
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल है। आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराने की आवश्यकता नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *