उत्तरकाशी
रिपोर्टर महावीर सिंह राणा
वन विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए जनपद के विभिन्न विकासखण्डों (भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, मोरी, पुरोला एवं नौगांव)* में किया गया
आज विकासखण्ड परिसर भटवाड़ी में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ( *गंगोत्री,टकनौर, बड़ाहाट,भूमि संरक्षण वन प्रभाग, गंगोत्री नेशनल पार्क एवं वन निगम)* को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं तथा मॉक अभ्यास भी कराया गया।

इस प्रशिक्षण एवं मॉक अभ्यास में वन विभाग के 83 अधिकारियों एवं कार्मिकों* सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा निम्नलिखित जानकारियां प्रदान की गईं:

जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उत्तरकाशी* के मास्टर ट्रेनर मस्तान भंडारी ने क्यूआरटी के सहयोग से आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, सैटेलाइट फोन की उपयोगिता एवं संचालन विधि तथा खोज एवं बचाव उपकरणों के बारे में जानकारी दी।

एसडीआरएफ के मुख्य आरक्षी दुर्गेश रतूड़ी ने वनाग्नि के दौरान घायलों के रेस्क्यू तथा उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के तरीकों के बारे में बताया।
पुलिस संचार विभाग के मुख्य आरक्षी दिग्विजय सिंह ने जंगलों में वायरलेस सेट के माध्यम से सूचना संप्रेषण तथा उनके इंस्टॉलेशन के बारे में जानकारी दी।
फायर सर्विस के आरक्षी संजय कुमार ने घरेलू आग एवं वनाग्नि की घटनाओं के बारे में जानकारी देते हुए वन संपदा को बचाने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के प्रयोग की जानकारी दी।

स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिनव ने वनाग्नि में घायल व्यक्तियों को दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी दी।
वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी बाडाहाट श्री मुकेश रतूड़ी ने वनाग्नि की पीपीटी के माध्यम से वनाग्नि एवं वन संपदा की सुरक्षा तथा घायल व्यक्तियों के प्रबंधन में रिस्पांस टाइम को कम करने के उपायों के बारे में बताया गया।

