उत्तरकाशी। जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में गुरुवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री एवं जिला पुनरीक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय समावेशन, कृषि ऋण, सरकारी योजनाओं की प्रगति तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने 10 दिन से अधिक समय से लंबित एजुकेशन लोन के मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश बैंक अधिकारियों को दिए। उन्होंने बैंकों को ऋण-जमा अनुपात में सुधार लाने तथा अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा।
डीएम ने कृषि विभाग और बैंक अधिकारियों को आपसी समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को केसीसी का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए बैंकिंग संस्थानों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना सहित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।

इसके साथ ही जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक भी आयोजित हुई। इसमें पिछली बैठक की कार्यवाही, आरसेटी की कार्य समीक्षा, प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण व्यय के अनुमोदन तथा आगामी त्रैमासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के ब्यौरे समेत अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य प्रबंधक अग्रणी बैंक ब्रह्मानंद सिंह, डीडीओ वेद प्रकाश, एजीएम नाबार्ड पारित गुप्ता, मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, प्रभारी महाप्रबंधक उद्योग केंद्र वैभव कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

