यमुनोत्री यात्रा मार्ग का डीएम ने लिया जायजा

उत्तरकाशी
आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने रविवार को यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। जिलाधिकारी ने यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्यों के साथ ही स्यानाचट्टी में चेनेलाइजेशन कार्यों, यमुनोत्री पैदल मार्ग तथा यात्रा मार्ग पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सड़क चौड़ीकरण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा मार्ग पर पड़े मलबे और बोल्डरों को तत्काल हटाया जाए, ताकि यात्रा के दौरान जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे। जिलाधिकारी ने स्यानाचट्टी,फूलचट्टी और कृष्णाचट्टी में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। यमुनोत्री धाम में स्नान घाटों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के निर्देश ईई सिंचाई को दिए। उन्होंने कहा कि स्नान घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाए,साथ ही रेलिंग,फिसलन रोकने के उपाय तथा साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सके। जिलाधिकारी ने यात्रा मार्गों पर पेयजल,शौचालय,प्रकाश व्यवस्था, पर्किंग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

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जिलाधिकारी ने सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाए तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

इससे पूर्व जिलाधिकारी ने जानकीचट्टी में लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह में अधिकारियों,मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य के कारण यात्रा मार्ग के पड़ावों पर क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइनों को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए,ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने जानकीचट्टी में घोड़े-खच्चरों के व्यवस्थित संचालन के लिए मार्ग को वन-वे करने तथा घोड़े-खच्चरों का शीघ्र पंजीकरण कराने के निर्देश जिला पंचायत और पशुपालन विभाग को दिए। जिलाधिकारी ने जानकीचट्टी से यमुनोत्री पैदल मार्ग तक बृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाने के निर्देश जिला पंचायत और वन विभाग को दिए। उन्होंने पैदल मार्ग पर क्षतिग्रस्त रेलिंग की मरम्मत, आवश्यक स्थानों पर, रेन शैल्टर स्थापित करने,जाली लगाने तथा साइनेज स्थापित करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए।

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बैठक में एसडीएम बृजेश तिवारी,सीवीओ एचएस बिष्ट,एसडीओ साधुलाल पयाल, ईई तनुज काम्बोज, ईई विनोद पांडेय,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित मंदिर समिति के पुरोषतम उनियाल,सचिव,ग्राम प्रधान खरसाली विपिन उनियाल, नारायणपुरी प्रदीप रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य रणबीर राणा,अभिषेक उनियाल, जसपाल परमार आदि उपस्थित रहे।

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