दुःखद हादसा सामने आया। यहां शॉर्ट सर्किट के कारण एक कच्चे आवासीय मकान में आग लग गई,

उत्तरकाशी
रिपोर्टर महावीर सिंह राणा
जनपद उत्तरकाशी की मोरी तहसील अंतर्गत ग्राम नानई में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां शॉर्ट सर्किट के कारण एक कच्चे आवासीय मकान में आग लग गई, जिससे मकान सहित उसमें रखा पूरा घरेलू सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, उत्तरकाशी से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना 07 फरवरी 2026 को प्रातः लगभग 11:40 बजे की है। ग्राम नानई निवासी श्री सुभाष चंद्र पुत्र श्री हीरालाल बोले के कच्चे आवासीय मकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया।
आग की चपेट में आने से मकान में रखा बर्तन, बिस्तर, खाद्यान्न, कपड़े, जेवरात, नगदी सहित अन्य आवश्यक घरेलू सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस, राजस्व विभाग एवं फायर सर्विस टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि यह घटना मानवीय भूल (शॉर्ट सर्किट) के कारण हुई है, इसलिए इसे दैवीय आपदा की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।
🔹 नुकसान का विवरण
प्रभावित परिवार: 01
मानव हानि: नहीं
पशु हानि: नहीं
निजी संपत्ति की क्षति: 01 कच्चा मकान एवं समस्त घरेलू सामान
जनपद उत्तरकाशी की मोरी तहसील अंतर्गत ग्राम नानई में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां शॉर्ट सर्किट के कारण एक कच्चे आवासीय मकान में आग लग गई, जिससे मकान सहित उसमें रखा पूरा घरेलू सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, उत्तरकाशी से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना 07 फरवरी 2026 को प्रातः लगभग 11:40 बजे की है। ग्राम नानई निवासी श्री सुभाष चंद्र पुत्र श्री हीरालाल बोले के कच्चे आवासीय मकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया।
आग की चपेट में आने से मकान में रखा बर्तन, बिस्तर, खाद्यान्न, कपड़े, जेवरात, नगदी सहित अन्य आवश्यक घरेलू सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस, राजस्व विभाग एवं फायर सर्विस टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि यह घटना मानवीय भूल (शॉर्ट सर्किट) के कारण हुई है, इसलिए इसे दैवीय आपदा की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।

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