उत्तरकाशी
रिपोर्ट -महावीर सिंह रणा
बड़ी खबर उत्तरकाशी से है जहां धराली आपदा के समय से 15 से 20 गायें हेल्गू गाढ़ के पास टापू पर फंसी हुई है
वैसे तो हमारे देश में गायों की पूजा की जाती है और गाय को माता का रूप दिया जाता है और गाय को गोपाल मणि लगातार
भारत की राष्ट्रीय माता घोषित करने की बात कहते हैं मगर बिड़वाना देखें उत्तरकाशी की इसमें आपदा के बाद तेलुगू गोद के पास कहीं गायों की भूख से तड़प कर मोत हो गयी है पर दुखद पहलू यह है कि आज तक किसी ने भी इन गायों की सुध नहीं ली है ओर आज ये गायें भूख के कारण दम तोड रही है वैसे तो कही संगठन गायों के नाम से रोजी रोटी चला रहे हैं पर हकीकत क्या है तस्वीरों में दिखाई दे रहा है
हालांकि आपदा मित्र राजेश रावत के आग्रह पर जिला प्रशासन ने एक बार यहां टीम भेजी थी पर फोरेस्ट विभाग के द्वारा अस्थाई पुल के लिए पेड़ काटने की अनुमति न दिए जाने के कारण इन गायों का रेस्क्यू नहीं किया जा सका है ओर यह गायें भूख के कारण लगातार मर रही है दुखद पहलू यह है कि गंगोत्री धाम के नजदीक होने के बाद भी आपदा के बाद आज तक किसी ने भी इन गायों की सुध नहीं ली है ओर यही टापू प्रतिदिन इनकी कब्र बनता जा रहा है ओर कोई भी संगठन इन वे जुवान पशुओं के लिए आवाज़ नहीं उठा रहा है

