उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी जिले के लक्ष्मेश्वर में राष्ट्रीय स्वयंसेवी का द्वारा पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कई जिलों के साथ-साथ उत्तरकाशी के सीमांत गांव से बालिकाओं ने जानकारी ली कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं एवं महिलाओं के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास को सशक्त बनाना रहा।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय सेविका समिति एक महिला संगठन है जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समान विचारधारा पर आधारित है, लेकिन यह RSS की महिला शाखा नहीं होती है
इसलिए इसकी स्थापना 25 अक्टूबर 1936 को विजयादशमी के दिन वर्धा में हुई थी। इसकी संस्थापिका लक्ष्मीबाई केलकर थीं, जिन्हें मौसीजी के नाम से जाना जाता है
राष्ट्रीय सेविका समिति का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। यह संगठन महिलाओं को शारीरिक शिक्षा, बौद्धिक विकास, और मनोबल बढ़ाने के लिए विविध उपक्रम आयोजित करता है। इसके अलावा, यह संगठन गरीब और अभावग्रस्त महिलाओं के लिए छात्रावास, निःशुल्क चिकित्सा केंद्र, और स्वावलंबन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है
राष्ट्रीय सेविका समिति द्वारा उत्तरकाशी में आचार पद्धति विषय पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षिकाओं ने अनुशासन, संस्कार एवं राष्ट्रभक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं एवं महिलाओं के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास को सशक्त बनाना रहा।
शिक्षिकाओं ने बताया कि आचार पद्धति को अपनाकर जीवन को सुव्यवस्थित, संयमित और समाज के प्रति उत्तरदायी बनाया जा सकता है। समयपालन, स्वच्छता, मर्यादित आचरण एवं सेवा भाव को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित सेविकाओं एवं छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की और आचार पद्धति को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रसेवा एवं सामाजिक एकता के संदेश के साथ किया गया जिसमें जिले के व प्रांत की स्वयंसेविका
सुधा गुप्ता, कृष्णा भट्ट प्रांत सेविका, ललिता पवार, सुषमा, व अनेक जागरूक सेविका व बालिकाओं ने प्रतिभा किया


