डिजिटल माध्यम से 75 लाख से अधिक दर्शकों तक पहुंचने वाली पहली रामलीला जिसमें राम का अभिनय करेंगे अनिल नौटियाल

देहरादून
रिपोर्ट महाबीर सिंह राणा
वैसे तो रामलीला सनातन धर्म मे अलग ही महत्व रखता है भारत क़े हर गांव, ब्लॉक, जिला,तहसील, गली मोहल्ले में हर वर्ष बड़े धूमधाम से राम लीला का अभिनय किया जाता है मगर जब बात देवभूमि उत्तराखंड की आती है तो यहां की रामलीला का कुछ अलग ही महत्व माना जाता है क्योंकि देवभूमि उत्तराखंड में अभी भी राम जैसे पिता के आज्ञाकारी पुत्र भारत जैसे भाई से प्यार करने वाले लक्ष्मण जैसे भाई की सेवा करने वाले अभी भी मौजूद है
श्री गुरुनानक मैदान, रेसकोर्स ” में आयोजित होने वाली रामलीला में विशेष आकर्षण के रूप में भजन संध्या व उत्तराखंड के पारंपरिक संस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। इस वर्ष रामलीला मंचन 22 सितंबर से 3 अक्टूबर 2025 के साथ 19 सिंतम्बर से भव्य मेला, 20 सिंतम्बर को घन्टा घर से मैदान तक भव्य कलश यात्रा व 2 अक्टूबर को रावण, कुम्भकर्ण, मेघनाथ व लंका के पारंपरिक पुतला दहन का विशेष कार्यक्रम किया जाएगा ।
उल्लेखनीय है की देहरादून स्थित ” श्री गुरुनानक मैदान, रेसकोर्स ” में रामलीला आने वाले शारदीय नवरात्रों में 22 सितंबर से 03 अक्टूबर 2025 तक भव्य रूप से आयोजित करी जाएगी, जिसमें संस्कृति और तकनीक के अद्भुत संगम के साथ विभिन्न डिजिटल माध्यम से 75 लाख से अधिक दर्शकों तक पहुंचने वाली यह उत्तराखंड की पहली रामलीला होगी।

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मगर अगर रामलीला के कलाकारों के अंदर ईश्वर जैसी भावना और उनके कलाकृति भगवान श्री राम जिसमे उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध कलाकार श्री अनिल नॉटियाल जी भगवान श्री राम जी का अभिनय करेंगे जो कि ग्राम भटवाड़ी उत्तरकाशी के रहने वाले है कई बड़े बड़े मंचो पर अपना अभिनय कर चुके है
उनके अभिनय को देखकर बुजुर्ग माताओ के आंखों मे आंसू की धार बहने लगती है क्योंकि उनकी कलाकारी कुछ इस तरह से है कि ऐसा लगता है कि मानो श्री राम स्वयं मंच पर आकर अभिनय कर रहे हैं
उत्तरकाशी मे सीमांत ब्लॉक भटवाड़ी के रहने वाले अनिल नौटियाल बलराम से अभिनय करते आ रहे हैं पहले इनके पिता ने भी राम का सुंदर अभिनय किया और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने भी श्री राम का अभिनय कर कर लोगों दिल जीता अनिल नौटियाल जी बताते हैं कि जहां भी रामलीला होती है रामलीला के कार्यकर्ता मुझे आमंत्रित करते हैं मगर समय का अभाव होने क़े कारण मैं हर जगह नहीं पहुंचता पाता हूं
मगर अनिल नौटियाल जहां भी जाते हैं वहां लोगों के दिल में छा जाते हैं

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