उत्तरकाशी
परम्पराओं, संस्कृति तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर समिति द्वारा उत्तरकाशी में फूलदेई एक अनोखी पहल संचालित की जा रही है। भगवान काशी विश्वनाथ जी के सान्धिय में आयोजित इस पहल का उद्देश्य भूली-बिसरी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर को पुनः समाज में स्थापित करने के साथ पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन करना है।
फूलदेई संग्राद का यह पारंपरिक कार्यक्रम चैत्र माह की संक्रांति से आरंभ होकर आठ दिनों तक चलता है। इस दौरान श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के बाल सेवक प्रतिदिन मंदिर परिसर एवं आवासों की देहरियों में पुष्प अर्पित कर इस लोकपर्व को जीवंत बनाए रखते हैं।

इस पहल के माध्यम से हिमालयी पुष्पों एवं पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसमें विशेष रूप से फ्योंली और बुरांस के फूलों को प्राथमिकता दी जाती है। वही आज गुरुकुलम के बाल सेवकों द्वारा पुलिस लाइन ज्ञानसू उत्तरकाशी में पुलिस अधीक्षक महोदया के आवास पर पहुँचकर परंपरानुसार फ्योंली एवं अन्य स्थानीय पुष्पों को देहरियों में अर्पित कर फूलदेई पर्व की मंगलकामनाएँ दी गयी। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, श्रीमती कमलेश उपाध्याय द्वारा अपने परिवारज़नो के साथ सभी का स्वागत किया गया, इसके पश्चात उनके द्वारा परिवार जनों एवं बाल सेवको संग काली माता मंदिर में श्रद्धापुष्प व पुजा-अर्चना कर युवा पीढी के कल्याण की कामना की गयी।

पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के द्वारा गुरुकुलम के नन्हे बच्चों को स्नेह, आशीर्वचन एवं शुभकामनाएँ देते हुये बताया गया कि फूलदई का पावन त्योहार हमारी संस्कृति, परम्परा एवं पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रतीक है। शिक्षा, संस्कार एवं अनुशासन ही सशक्त भविष्य की कुंजी है। अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव हमारे जीवन मूल्यों को सुदृढ़ करता है तथा हमें संस्कारवान बनाता है।

भव्य कार्यक्रम के अवसर पर *पुलिस अधीक्षक के माता-पिता, रिश्तेदार, गुरुकुल परिवार से अनन्या बिष्ट, वैष्णवी रावत, आस्था रावत, दिव्यांशी कुड़ियाल, सत्यम राणा, आरुष डंगवाल, कृष्णा रावत, मनदीप रावत, पारस कोटनाला, सुरेंद्र गंगाड़ी, उत्तरकाशी पुलिस से संजय सिंह, मुकेश शाह, विनोद गुसाईं, कमल सिंह, रमेश, जयदीप चौहान आदि* उपस्थित रहे।

