उत्तरकाशी
रिपोर्टर महावीर सिंह राणा
एंकर कल महा महाशिवरात्रि पर उत्तरकाशी के प्राचीन बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में 150 साल पुरानी ‘दिवारा’ परंपरा निभाई जाएगी, जिसमें श्रद्धालु संतान सहित अन्य मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए रातभर खड़े दीपक के साथ साधना करते हैं ।

काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर के पुजारी महंत पुरी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर 5 प्रवेश द्वार से भक्तों को धाम में प्रवेश मिलेगा। इस दौरान बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार भी होगा और बाबा दूल्हा स्वरूप में नजर आएंगे

महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल हैं बाबा विश्वनाथ का विवाह बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। जिसकी झांकी पूरे शहर में निकाली जाएगी इसमें हजारों वक्त अलग-अलग वेशभूषा शामिल होंगे
श्रद्धालु रातभर खड़े दीपक के साथ साधना करेंगे।
मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी।
बाबा विश्वनाथ की आरती की जाएगी।
भजन और नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी
सुबह 4:00 से श्रद्धालु शुद्ध गंगा जल लेकर विश्वनाथ मंदिर के शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे जिसे लेकर पुलिस प्रशासन भी सख्त नजर आएगी
वहीं मेहेंत जी ने बताया कि चार पहर की पूजा की जाएगी उसके बाद प्रसाद वित्रित किया जाएगा

